गणगौर महोत्सव: राजस्थान के प्रमुख लोक पर्व का महत्व, पूजा विधि और इतिहास
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GK Fact
🕒 21 Mar 2026
गणगौर महोत्सव: राजस्थान के प्रमुख लोक पर्व का महत्व, पूजा विधि और इतिहास
✨ गणगौर: राजस्थान का प्रमुख लोक त्यौहार ✨
🌸 अर्थ एवं प्रतीक
• "गण" = भगवान शिव 🔱
• "गौर" = माता पार्वती 🌺
🙏 पूजा का उद्देश्य
• अविवाहित लड़कियाँ: योग्य वर की प्राप्ति के लिए प्रार्थना करती हैं। 👰♀️
• विवाहित स्त्रियाँ: अपने अखण्ड सुहाग और पति की लंबी आयु की कामना करती हैं। 💑
🗓️ समय अवधि
• यह पर्व होली के ठीक अगले दिन से शुरू होकर चैत्र शुक्ल तृतीया तक चलता है। 🌙🎨
🪔 पूजन विधि और परंपराएँ
• पवित्र पूजा: होली की राख के पिण्ड और जौ के अंकुरों (जवारे) के साथ पूजा की जाती है। 🌱
• मंगल गीत व कलश: लड़कियाँ फूलों से कलश सजाकर और लोकगीत गाते हुए उसे घर लाती हैं। 🎶🏺
• ईसर-गौर पूजन: भगवान शिव (ईसर) और माता पार्वती (गौर) की सुंदर प्रतिमाओं की पूजा होती है। 🕉️
• विसर्जन: उत्सव के अंत में काष्ठ (लकड़ी) और मिट्टी से बनी प्रतिमाओं का जलाशय में विसर्जन किया जाता है। 🌊
🏰 प्रमुख स्थान व विशेष आकर्षण
• मुख्य शहर: जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और कोटा में इस पर्व की रौनक सबसे ज्यादा होती है। 📍
• शाही सवारी: गणगौर की शोभायात्रा (सवारी) इस त्यौहार का सबसे बड़ा आकर्षण होती है। 🐘🥁
⛵ उदयपुर की खास गणगौर
• यहाँ गणगौर की भव्य सवारी प्रसिद्ध पिछोला झील तक जाती है। 🌅
• सवारी के दौरान मनमोहक नौका विहार और शानदार आतिशबाजी का नजारा देखने को मिलता है। 🎆
• ऐतिहासिक तथ्य: प्रसिद्ध इतिहासकार कर्नल टॉड ने उदयपुर की इस शाही गणगौर सवारी का बड़ा ही रोचक और सजीव वर्णन प्रस्तुत किया है। 📜✍️
🌸 अर्थ एवं प्रतीक
• "गण" = भगवान शिव 🔱
• "गौर" = माता पार्वती 🌺
🙏 पूजा का उद्देश्य
• अविवाहित लड़कियाँ: योग्य वर की प्राप्ति के लिए प्रार्थना करती हैं। 👰♀️
• विवाहित स्त्रियाँ: अपने अखण्ड सुहाग और पति की लंबी आयु की कामना करती हैं। 💑
🗓️ समय अवधि
• यह पर्व होली के ठीक अगले दिन से शुरू होकर चैत्र शुक्ल तृतीया तक चलता है। 🌙🎨
🪔 पूजन विधि और परंपराएँ
• पवित्र पूजा: होली की राख के पिण्ड और जौ के अंकुरों (जवारे) के साथ पूजा की जाती है। 🌱
• मंगल गीत व कलश: लड़कियाँ फूलों से कलश सजाकर और लोकगीत गाते हुए उसे घर लाती हैं। 🎶🏺
• ईसर-गौर पूजन: भगवान शिव (ईसर) और माता पार्वती (गौर) की सुंदर प्रतिमाओं की पूजा होती है। 🕉️
• विसर्जन: उत्सव के अंत में काष्ठ (लकड़ी) और मिट्टी से बनी प्रतिमाओं का जलाशय में विसर्जन किया जाता है। 🌊
🏰 प्रमुख स्थान व विशेष आकर्षण
• मुख्य शहर: जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और कोटा में इस पर्व की रौनक सबसे ज्यादा होती है। 📍
• शाही सवारी: गणगौर की शोभायात्रा (सवारी) इस त्यौहार का सबसे बड़ा आकर्षण होती है। 🐘🥁
⛵ उदयपुर की खास गणगौर
• यहाँ गणगौर की भव्य सवारी प्रसिद्ध पिछोला झील तक जाती है। 🌅
• सवारी के दौरान मनमोहक नौका विहार और शानदार आतिशबाजी का नजारा देखने को मिलता है। 🎆
• ऐतिहासिक तथ्य: प्रसिद्ध इतिहासकार कर्नल टॉड ने उदयपुर की इस शाही गणगौर सवारी का बड़ा ही रोचक और सजीव वर्णन प्रस्तुत किया है। 📜✍️
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