MDSU B.A. 2nd Year Semester 3 Political Science (विश्व के संविधानों का तुलनात्मक अध्ययन एवं ग्राम पंचायत) important questions and answers in Hindi. Read 50-word short notes and 400-word study headings to score full marks in your university exams.
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MDSU B.A. 3rd Semester Political Science Important Questions & Answers (विश्व के संविधानों का तुलनात्मक अध्ययन एवं ग्राम पंचायत)
MDSU Ajmer BA 2nd Year (Semester-3) Political Science के महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उत्तर यहाँ उपलब्ध हैं। ये सभी प्रश्न परीक्षा की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण हैं और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों के आधार पर तैयार किए गए हैं। छात्र इन प्रश्नों को पढ़कर अपनी परीक्षा की तैयारी को और बेहतर बना सकते हैं।
भाग-अ: अति लघु उत्तरीय प्रश्न (Part-A: Short Answers)
निर्देश: प्रत्येक प्रश्न का उत्तर अधिकतम 50 शब्दों में दें। प्रत्येक प्रश्न 2 अंक का है।
1. तुलनात्मक राजनीति का क्या अर्थ है?
तुलनात्मक राजनीति का अर्थ है विश्व के विभिन्न देशों के संविधानों, वहाँ की सरकारों और राजनीतिक संस्थाओं का तुलनात्मक अध्ययन करना। इसका उद्देश्य यह जानना है कि किस देश की शासन व्यवस्था बेहतर है और क्यों।
2. ब्रिटिश संविधान की कोई दो प्रमुख विशेषताएँ बताइए।
ब्रिटिश संविधान विश्व का एकमात्र ‘अलिखित संविधान’ है। इसकी दो प्रमुख विशेषताएँ हैं: 1. एकात्मक शासन (सारी शक्तियां केंद्र के पास) और 2. संसदात्मक शासन प्रणाली (जिसमें राजा नाममात्र का होता है और प्रधानमंत्री असली शासक होता है)।
3. संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान में ‘शक्ति पृथक्करण’ का क्या तात्पर्य है?
शक्ति पृथक्करण का अर्थ है सरकार के तीनों अंगों (व्यवस्थापिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका) को बिल्कुल अलग-अलग रखना। अमेरिका में कानून बनाने वाली कांग्रेस, शासन करने वाले राष्ट्रपति और न्याय करने वाले सर्वोच्च न्यायालय के काम और शक्तियां बिल्कुल अलग हैं।
4. स्विट्जरलैंड को ‘प्रत्यक्ष लोकतंत्र का घर’ क्यों कहा जाता है?
स्विट्जरलैंड विश्व का अकेला ऐसा देश है जहाँ आज भी ‘प्रत्यक्ष लोकतंत्र’ (सीधा जन-शासन) लागू है। वहाँ की जनता कानून बनाने में सीधे भाग लेती है, जिसके लिए ‘जनमत संग्रह’ और ‘आरंभक’ जैसे साधनों का प्रयोग किया जाता है।
5. फ्रांस के संविधान की ‘अर्द्ध-अध्यक्षात्मक’ प्रणाली क्या है?
फ्रांस के संविधान में संसदात्मक और अध्यक्षात्मक दोनों प्रणालियों का मिश्रण है। वहाँ राष्ट्रपति को अमेरिका के राष्ट्रपति की तरह बहुत शक्तियां दी गई हैं, लेकिन साथ ही वहाँ प्रधानमंत्री भी होता है जो संसद के प्रति उत्तरदायी होता है।
6. चीन के संविधान में ‘लोकतांत्रिक केंद्रवाद’ क्या है?
चीन के संविधान में इस सिद्धांत का अर्थ है कि चुनाव नीचे से ऊपर की ओर लोकतांत्रिक तरीके से होंगे, लेकिन एक बार जब उच्च संस्था (साम्यवादी दल) कोई निर्णय ले लेगी, तो नीचे की सभी संस्थाओं को उसे बिना विरोध के मानना होगा (यह केंद्रवाद है)।
7. दबाव समूह से आप क्या समझते हैं?
ऐसे लोगों का समूह जो अपने समान हितों (जैसे मजदूरों का हित या किसानों का हित) की रक्षा के लिए सरकार और उसकी नीतियों पर दबाव डालते हैं, उन्हें दबाव समूह कहते हैं। ये चुनाव नहीं लड़ते, बल्कि बाहर से राजनीति को प्रभावित करते हैं।
8. ग्राम पंचायत के गठन की प्रक्रिया क्या है?
ग्राम पंचायत का गठन एक या एक से अधिक गांवों को मिलाकर किया जाता है। इसे वार्डों में बांटा जाता है। प्रत्येक वार्ड से एक पंच चुना जाता है और पूरी पंचायत के लिए एक सरपंच का चुनाव जनता द्वारा सीधे मतदान से किया जाता है।
9. तिरहत्तरवें (73वें) संविधान संशोधन की दो मुख्य विशेषताएँ बताइए।
इस संशोधन (जो कि पंचायती राज से जुड़ा है) की दो विशेषताएँ हैं: 1. पंचायतों को संवैधानिक दर्जा देना, और 2. महिलाओं तथा पिछड़े वर्गों के लिए एक-तिहाई (33 प्रतिशत) सीटें आरक्षित करना।
10. ग्राम पंचायत की आय के दो स्रोत लिखिए।
ग्राम पंचायत की आय के मुख्य स्रोत हैं: 1. मेलों, हाट-बाजारों और वाहनों पर लगाया जाने वाला स्थानीय कर (टैक्स), 2. राज्य सरकार द्वारा विकास कार्यों के लिए दिया जाने वाला अनुदान (पैसा)।
भाग-ब: दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (Part-B: Descriptive Questions – Study Notes)
निर्देश: इन प्रश्नों के उत्तर 400 शब्दों में दें। प्रत्येक प्रश्न 10 अंक का है। परीक्षा में पूरे अंक प्राप्त करने के लिए उत्तर में निम्नलिखित शीर्षकों का प्रयोग करें:
1. ब्रिटिश संविधान ‘संयोग और बुद्धिमत्ता का शिशु है।’ इस कथन के आधार पर ब्रिटिश संविधान की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
- प्रस्तावना: ब्रिटेन का संविधान विश्व का सबसे प्राचीन और एकमात्र अलिखित संविधान है। इसे किसी संविधान सभा ने नहीं बनाया, बल्कि यह हजारों वर्षों के रीति-रिवाजों और ऐतिहासिक संयोगों का परिणाम है।
- संविधान की प्रमुख विशेषताएँ:
- अलिखित और लचीला संविधान: यह संविधान लिखित रूप में नहीं है। ब्रिटिश संसद साधारण बहुमत से किसी भी कानून को बदल सकती है, इसलिए यह बहुत लचीला है।
- संसद की सर्वोच्चता: ब्रिटेन में संसद इतनी शक्तिशाली है कि विद्वानों ने कहा है- “ब्रिटिश संसद स्त्री को पुरुष और पुरुष को स्त्री बनाने के अलावा सब कुछ कर सकती है।”
- एकात्मक शासन: पूरे देश का शासन लंदन में बैठी एक ही केंद्र सरकार चलाती है। राज्यों के पास अपनी कोई स्वतंत्र शक्ति नहीं होती।
- कानून का शासन: देश में सभी व्यक्ति (चाहे वह राजा हो या गरीब) कानून की नजर में समान हैं और किसी को भी बिना अपराध के सजा नहीं दी जा सकती।
2. संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के चुनाव की प्रक्रिया और उसकी शक्तियों का सविस्तार वर्णन कीजिए।
- प्रस्तावना: अमेरिका का राष्ट्रपति विश्व का सबसे शक्तिशाली शासक माना जाता है। वह राज्य का भी मुखिया है और सरकार का भी।
- चुनाव की प्रक्रिया: अमेरिका के राष्ट्रपति का चुनाव हर चार साल बाद होता है। जनता सीधे राष्ट्रपति को वोट नहीं देती, बल्कि वह एक ‘निर्वाचक मंडल’ को चुनती है। बाद में यह निर्वाचक मंडल राष्ट्रपति का चुनाव करता है। (एक व्यक्ति केवल दो बार ही राष्ट्रपति बन सकता है)।
- राष्ट्रपति की प्रमुख शक्तियां:
- कार्यपालिका शक्तियां: वह देश के सभी कानूनों को लागू करता है। वह सेना का सर्वोच्च सेनापति होता है और युद्ध की घोषणा कर सकता है।
- नियुक्तियां करना: वह सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों, राजदूतों और बड़े अधिकारियों की नियुक्ति करता है (लेकिन इसके लिए सीनेट की मंजूरी जरूरी है)।
- विदेशी नीतियां (राजनयिक शक्तियां): वह दूसरे देशों के साथ संधियां और समझौते करता है।
- वीटो की शक्ति: यदि संसद (कांग्रेस) कोई कानून पास करती है, तो राष्ट्रपति उस पर रोक (वीटो) लगा सकता है।
3. स्विट्जरलैंड की ‘बहुल कार्यपालिका’ (संघीय परिषद) की रचना और कार्यों का विश्लेषण कीजिए।
- प्रस्तावना: दुनिया के सभी देशों में कार्यपालिका की शक्ति एक व्यक्ति (राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री) के हाथ में होती है। लेकिन स्विट्जरलैंड विश्व का अकेला ऐसा देश है जहाँ कार्यपालिका की शक्ति सात लोगों के एक समूह के हाथ में है। इसे बहुल कार्यपालिका कहते हैं।
- संघीय परिषद की रचना: इसमें सात सदस्य होते हैं, जिन्हें स्विट्जरलैंड की संसद चुनती है। इनका कार्यकाल चार वर्ष का होता है।
- अनोखी विशेषता: इन सातों सदस्यों की शक्तियां बिल्कुल बराबर होती हैं। इनमें से कोई एक ‘राष्ट्रपति’ कहलाता है, लेकिन वह केवल बैठकों की अध्यक्षता करता है, वह अन्य सदस्यों का बॉस नहीं होता। हर साल राष्ट्रपति बदल जाता है।
- कार्य: देश का प्रशासन चलाना, विदेशों से संबंध बनाना और देश की सुरक्षा की व्यवस्था करना। यह प्रणाली स्विट्जरलैंड में इसलिए सफल है क्योंकि वहाँ के नेता दलीय राजनीति से ऊपर उठकर देश के लिए काम करते हैं।
4. फ्रांस की प्रशासनिक कानून और ‘प्रशासनिक न्यायालय’ प्रणाली की प्रमुख विशेषताएँ बताइए।
- प्रस्तावना: भारत या ब्रिटेन में साधारण नागरिक और सरकारी अधिकारी दोनों के लिए एक ही कानून और एक ही न्यायालय होता है। लेकिन फ्रांस की न्यायपालिका इस मामले में बिल्कुल अलग है।
- प्रशासनिक कानून क्या है? फ्रांस में सरकारी अधिकारियों के लिए अलग से विशेष कानून बनाए गए हैं, जिन्हें प्रशासनिक कानून कहते हैं। यदि कोई सरकारी अधिकारी अपनी ड्यूटी करते समय कोई गलती या अपराध करता है, तो उस पर इसी कानून के तहत मुकदमा चलता है।
- प्रशासनिक न्यायालय: साधारण नागरिकों के मुकदमों के लिए फ्रांस में साधारण न्यायालय हैं, लेकिन सरकारी अधिकारियों पर मुकदमा चलाने के लिए अलग से ‘प्रशासनिक न्यायालय’ बनाए गए हैं।
- महत्व: इसका उद्देश्य यह है कि सरकारी अधिकारी बिना डरे काम कर सकें और जनता को भी भ्रष्ट अधिकारियों से बचाया जा सके।
5. चीन के संविधान में साम्यवादी दल (कम्युनिस्ट पार्टी) की भूमिका और शक्तियों का वर्णन कीजिए।
- प्रस्तावना: चीन में लोकतंत्र नहीं है, बल्कि वहां ‘एक दलीय तानाशाही’ है। वहां के संविधान में स्पष्ट लिखा है कि देश का नेतृत्व केवल ‘साम्यवादी दल’ (कम्युनिस्ट पार्टी) ही करेगा।
- साम्यवादी दल की भूमिका:
- सरकार पर पूर्ण नियंत्रण: चीन की संसद (राष्ट्रीय जनवादी कांग्रेस) और राष्ट्रपति केवल उसी व्यक्ति को चुना जाता है जो इस पार्टी का सदस्य हो।
- सेना पर नियंत्रण: देश की सेना (लाल सेना) सीधे तौर पर सरकार के नहीं, बल्कि साम्यवादी दल के नियंत्रण में काम करती है।
- नीति निर्माण: देश की सारी नीतियां और पंचवर्षीय योजनाएं पार्टी के बड़े नेता ही बनाते हैं, जिन्हें सरकार केवल लागू करती है।
- विपक्ष का अभाव: चीन में किसी भी दूसरे राजनीतिक दल को पनपने या विरोध करने की कोई अनुमति नहीं है।
6. संयुक्त राज्य अमेरिका और ब्रिटेन की दलीय व्यवस्था (पार्टी सिस्टम) का तुलनात्मक अध्ययन कीजिए।
- प्रस्तावना: आधुनिक लोकतंत्र राजनीतिक दलों के बिना नहीं चल सकता। अमेरिका और ब्रिटेन दोनों ही देशों में ‘द्वि-दलीय व्यवस्था’ (Two-Party System) पाई जाती है, लेकिन फिर भी दोनों में बहुत अंतर है।
- ब्रिटेन की दलीय व्यवस्था:
- यहाँ दो प्रमुख दल हैं: अनुदार दल और मजदूर दल।
- ब्रिटेन के राजनीतिक दल बहुत कठोर और अनुशासित होते हैं। कोई भी नेता अपनी पार्टी के खिलाफ वोट नहीं डाल सकता।
- इनकी नीतियां बिल्कुल स्पष्ट होती हैं और ये विचारधारा पर आधारित होते हैं।
- अमेरिका की दलीय व्यवस्था:
- यहाँ भी दो प्रमुख दल हैं: रिपब्लिकन पार्टी और डेमोक्रेटिक पार्टी।
- अमेरिका में राजनीतिक दल बहुत ढीले और कमजोर होते हैं। पार्टी का सदस्य अपनी मर्जी से वोट दे सकता है।
- इन दलों की कोई मजबूत विचारधारा नहीं होती; इनका मुख्य उद्देश्य केवल चुनाव जीतना होता है।
7. ग्राम पंचायत के गठन, शक्तियों और कार्यों का सविस्तार वर्णन कीजिए।
- प्रस्तावना: भारत में गांवों के विकास और स्थानीय स्वशासन की सबसे छोटी और सबसे महत्वपूर्ण इकाई ‘ग्राम पंचायत’ है। महात्मा गांधी का ‘ग्राम स्वराज्य’ का सपना इसी के माध्यम से पूरा होता है।
- गठन: ग्राम पंचायत का मुखिया सरपंच होता है और इसमें कई पंच होते हैं, जिन्हें गांव की जनता सीधे चुनती है। इसका एक सरकारी अधिकारी होता है जिसे ग्राम सेवक (या ग्राम विकास अधिकारी) कहते हैं।
- ग्राम पंचायत के प्रमुख कार्य:
- सार्वजनिक सुविधाएं: गांव में पीने के पानी, सड़कों, नालियों और बिजली की व्यवस्था करना।
- स्वच्छता और स्वास्थ्य: गांव में साफ-सफाई रखना और बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य केंद्रों की मदद करना।
- कृषि और पशुपालन: उन्नत बीजों और खादों का वितरण करना तथा पशुओं के लिए चरागाह की व्यवस्था करना।
- न्याय कार्य: छोटे-मोटे झगड़ों को गांव के स्तर पर ही सुलझाना।
8. राजस्थान के विशेष संदर्भ में ग्राम पंचायतों के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियों और समस्याओं का विश्लेषण कीजिए।
- प्रस्तावना: 73वें संविधान संशोधन ने ग्राम पंचायतों को अधिकार तो दे दिए हैं, लेकिन राजस्थान जैसे राज्य में इन्हें जमीनी स्तर पर कई भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
- प्रमुख चुनौतियाँ:
- धन (पैसे) की भारी कमी: ग्राम पंचायतों के पास आय के अपने साधन बहुत कम हैं। वे पूरी तरह से राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले पैसों पर निर्भर हैं। कई बार सरकार से पैसा समय पर नहीं मिलता।
- अशिक्षा और जागरूकता की कमी: गांवों में शिक्षा कम होने के कारण लोग अपने अधिकारों को नहीं जानते। ‘सरपंच पति’ (जहाँ महिला सरपंच होती है, वहाँ उसका पति काम करता है) की प्रथा इसका सबसे बड़ा उदाहरण है।
- सरकारी अधिकारियों का हस्तक्षेप: ग्राम विकास अधिकारी और अन्य कर्मचारी चुनी हुई पंचायत पर हावी हो जाते हैं और सरपंच को स्वतंत्र रूप से काम नहीं करने देते।
- गुटबाजी और जातिवाद: गांवों में चुनावों के दौरान भारी जातिवाद और गुटबाजी होती है, जिससे गांव का विकास रुक जाता है और आपसी दुश्मनी बढ़ जाती है।
9. संयुक्त राज्य अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय के संगठन और उसकी ‘न्यायिक पुनरावलोकन’ की शक्ति का सविस्तार वर्णन कीजिए।
- प्रस्तावना: अमेरिका का सर्वोच्च न्यायालय विश्व के सबसे शक्तिशाली न्यायालयों में से एक है। अमेरिका में संघात्मक शासन है, इसलिए वहां केंद्र और राज्यों के बीच विवादों को सुलझाने के लिए एक स्वतंत्र न्यायपालिका की स्थापना की गई है।
- संगठन: इस न्यायालय में एक मुख्य न्यायाधीश और आठ अन्य न्यायाधीश होते हैं। इनकी नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा सीनेट (संसद का उच्च सदन) की सहमति से की जाती है और वे आजीवन अपने पद पर रह सकते हैं।
- न्यायिक पुनरावलोकन की शक्ति: यह अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय की सबसे बड़ी और अनोखी शक्ति है। इसका अर्थ है कि यदि अमेरिकी संसद कोई ऐसा कानून बनाती है या राष्ट्रपति कोई ऐसा आदेश जारी करता है जो संविधान की भावना के खिलाफ हो, तो सर्वोच्च न्यायालय उस कानून की जाँच कर सकता है और उसे पूरी तरह रद्द या अवैध घोषित कर सकता है।
- महत्व: इस शक्ति के कारण ही सर्वोच्च न्यायालय को ‘संविधान का रक्षक’ माना जाता है। यह नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करता है और सरकार के किसी भी अंग को मनमानी या तानाशाही करने से रोकता है।
10. दबाव समूह से आप क्या समझते हैं? संयुक्त राज्य अमेरिका और ब्रिटेन की राजनीति में दबाव समूहों की भूमिका का तुलनात्मक अध्ययन कीजिए।
- प्रस्तावना: दबाव समूह ऐसे लोगों का संगठन होता है जिनके आर्थिक या सामाजिक हित एक समान होते हैं (जैसे- किसान यूनियन, मजदूर संघ या व्यापारी मंडल)। राजनीतिक दलों की तरह इनका उद्देश्य चुनाव लड़कर सरकार बनाना नहीं होता, बल्कि ये बाहर से ही सरकार की नीतियों को अपने फायदे में मोड़ने के लिए उस पर दबाव डालते हैं।
- संयुक्त राज्य अमेरिका में दबाव समूह:
- अमेरिका में दबाव समूह बहुत अधिक शक्तिशाली हैं। वहां ‘लॉबिंग’ (संसद के गलियारों में विधायकों पर छिपकर प्रभाव डालना और सौदेबाजी करना) एक खुला और बहुत बड़ा पेशा है।
- चूंकि अमेरिका में राजनीतिक दलों का अनुशासन काफी कमजोर होता है, इसलिए वहां व्यापारी और मजदूर संगठन सीधे सांसदों पर हावी हो जाते हैं और धन के बल पर अपनी मर्जी के कानून पास करवा लेते हैं।
- ब्रिटेन में दबाव समूह:
- इसके विपरीत ब्रिटेन में राजनीतिक दल बहुत कठोर और अनुशासित होते हैं। वहां का कोई भी सांसद अपनी पार्टी के खिलाफ नहीं जा सकता। इसलिए दबाव समूह सीधे सांसदों को प्रभावित नहीं कर पाते।
- ब्रिटेन में दबाव समूह अपना काम शांतिपूर्ण तरीके से, मंत्रियों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के सामने अपने तर्क रखकर करते हैं। वहां अमेरिका जैसी खुली ‘लॉबिंग’ नहीं चलती।
- निष्कर्ष: अमेरिका में दबाव समूह राजनीति में इतने ताकतवर हैं कि विद्वान इन्हें ‘अदृश्य सरकार’ (न दिखाई देने वाली सरकार) कहते हैं, जबकि ब्रिटेन में इनका प्रभाव सीमित और मुख्य रूप से केवल सलाह देने तक ही होता है।